महादेव बेटिंग ऐप केस: ED का बड़ा एक्शन, EaseMyTrip प्रमोटर निशांत पिट्टी के 59.60 करोड़ के शेयर अटैच
59.60 करोड़ के शेयर प्रोविजनली अटैच, ED ने कोर्ट से जब्ती की अनुमति मांगी; FPI के जरिए रकम लगाने का आरोप

रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ED का आरोप है कि अवैध बेटिंग से हासिल रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) की आड़ में इक्विटी मार्केट तक पहुंचाने में पिट्टी ने मदद की। एजेंसी ने उनके 59.60 करोड़ रुपये मूल्य के DEMAT शेयरों को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया है और विशेष PMLA कोर्ट, रायपुर से इन शेयरों को जब्त करने की अनुमति मांगी है।
ED ने 10 सितंबर 2026 को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल की। रिपोर्टों के मुताबिक यह महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में दाखिल की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट है। एजेंसी ने पिट्टी पर कथित तौर पर ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ को इक्विटी मार्केट में लेयर करने में मदद करने का आरोप लगाया है।
ED की जांच के अनुसार, पिट्टी का नाम हरिशंकर टिबरेवाल और उससे जुड़े नेटवर्क के संदर्भ में सामने आया है। टिबरेवाल को जांच एजेंसी ने दुबई से संचालित Skyexchange से जोड़ा है। एजेंसी का आरोप है कि इसी नेटवर्क के जरिए कथित बेटिंग की रकम को अलग-अलग स्तरों पर घुमाकर वैध निवेश का रूप देने की कोशिश की गई।
शेयर बाजार में कथित ‘प्री-अरेंज्ड’ डील का आरोप
चार्जशीट में ED ने आरोप लगाया है कि पिट्टी ने Easy Trip Planners के प्रमोटरों की ओर से अमरदीप शर्मा के साथ कथित तौर पर पहले से तय शेयर सौदे में भूमिका निभाई। एजेंसी के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य कंपनी के शेयर मूल्य और मार्केट कैपिटलाइजेशन को कृत्रिम रूप से बढ़ाना था। इसके बाद टिबरेवाल से जुड़े एक FPI के जरिए Easy Trip Planners के शेयर खरीदे जाने का आरोप है।
59.60 करोड़ के शेयर क्यों हुए अटैच?
ED ने PMLA के तहत पिट्टी के 59.60 करोड़ रुपये के DEMAT शेयरों को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया है। एजेंसी ने इन संपत्तियों को कथित ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ बताते हुए कोर्ट से इनके confiscation यानी जब्ती की अनुमति मांगी है।
पिट्टी ने आरोपों पर क्या कहा?
निशांत पिट्टी ने कहा है कि उन्हें चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी नहीं थी और उन्हें संबंधित अदालत से समन भी नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया है तथा उनके सभी लेन-देन कानून के मुताबिक और औपचारिक बैंकिंग चैनलों के जरिए हुए हैं। उन्होंने न्यायिक कार्यवाही पर अटकलें नहीं लगाने की अपील की है।
जांच में अब आगे क्या?
ED की कार्रवाई के बाद अब विशेष PMLA अदालत में अटैच की गई संपत्तियों को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
